कर्त्तव्य एवं दायित्व

भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्राधिकारी, कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कर्तव्य एंव दायित्व
1.    भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण  संगठन -कार्य एवं दायित्व का विवरणः

भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना उ.प्र.औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 के अन्तर्गत की गयी है। अधिनियम के अनुसार बीडा के कार्य एवं दायित्व के विवरण तैयार कर लिये गये हैं।
प्राधिकारी के मुख्य कृत्यः

घोषित क्षेत्र का योजनाबद्ध विकास, नियोजित विकास हेतु भू-अधिग्रहण/पुर्नग्रहण, घोषित क्षेत्र के विकास हेतु योजनाएं तैयार करना, योजनाओं के अनुसार स्थलों का सीमांकन एवं विकास, औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं आवासीय प्रयोजनों के लिए अनुरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की व्यवस्था करना, जन-सुविधाएं (सड़क, जलापूर्ति तथा ड्रेनेज आदि) उपलब्ध कराना, औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा आवासीय भवनों/भूखण्डों का आवंटन, भवनों के परिनिर्माण और उद्योगों की स्थापना को विनियमित करना तथा घोषित क्षेत्र का नियोजन एवं विनिर्दिष्ट प्रयोजनों का निर्धारण।


2-    प्राधिकरण में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के दायित्व एवं कर्तव्य
प्राधिकरण में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों के अधिकार एवं कर्तव्यों का निर्धारण प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर किया गया है। साथ ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा भी आवश्यकता को देखते हुए बीडा के हित में समय-समय पर अधिकारियों के बीच में प्रभारी अधिकारी के रूप  में विभिन्न दायित्वों एवं कर्तव्यों के निर्वहन हेतु कार्य वितरण भी किए गये है। वर्तमान में प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा अधिकारियों के बीच निम्न अधिकार एवं दायित्व सौपें गये हैंः-


1- मुख्य कार्यपालक अधिकारी
1-    ऐसे कर्तव्यों एवं दायित्वों का पालन करना जैसा विनियमों में विनिर्दिष्ट किया है या प्राधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है
2-    बीडा में सभी अनुभागाध्यक्षों द्वारा मार्गदर्शन मागने पर उन्हें उचित मार्गदर्शन देना तथा उनके कार्यो का पर्यवेक्षण करना

2-    वित्त एवं लेखाधिकारी
    अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के बीच कार्य का वितरण -
1-    अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के यात्रा कार्यक्रम की स्वीकृति का अधिकार         
2-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किसी पत्रावली के पूर्व यह सुनिश्चित करना कि वित्त सम्बन्धी सभी नियमों का पालन किया जा चुका है ।
3-    चेक रजिस्टर, चेक बुक, बैलेन्स शीट इत्यादि अभिलेखों का बराबर निरीक्षण करना, उनकी सुरक्षा का प्रबन्ध करना एवं अपनी कस्टडी में रखना
4-    कैश बुक का प्रतिदिन निरीक्षण करना एवं कैश का मिलान करना और यह सुनिश्चित करना कि कैश बुक के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है ।
5-    प्राधिकरण का बजट , बैलन्स सीट बनाने का कार्य, शासकीय ऋण का प्रतिदान , बैंक/ हुडको एवं अन्य संस्थाओं के ऋण का प्रतिदान, सम्परीक्षा टोली द्वारा लगायी गयी आपत्तियों के निस्तारण कराना
6-    अधिकारियो/कर्मचारियों के ई0पी0एफ0,पी0एफ0,जी0आई0एस0 आदि को समय से जमा कराना, अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रतिमाह वेतन का अपने स्तर से परीक्षण कर नियमानुसार भुगतान कराना
7-    चेक पर हस्ताक्षर करने के पूर्व यह सुनिश्चित करना कि भुगतान सही व्यक्ति/पार्टी के पक्ष में निर्गत हो रहा है तथा उसकी रिसीट ठीक ढग से रखवाना
8-    बजट के अनुकूल भुगतान कराना
9-    सेवा निवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों के दावों का भुगतान कराना
10-    अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन बचत समूह योजना में काटी गयी धनराशि को पोस्ट आफिस में निश्चित समयावधि में जमा कराना
11-    अधिकारियों/कर्मचारियों के ऋण की कटोैती की धनराशि को सम्बन्धित बैको में जमा कराना/ पास बुक का रखरखाव कराना
12-     अधिकारियों/कर्मचारियों की एल0आई0सी0 योजना की धनराशि को वेतन से कटोैती कर समय से जमा कराना
13-    प्रतिनियुक्ति पर आये अधिकारियों का पेशंन अंशदान, जी.पी.एफ. इत्यादि का निर्धारित मद में ससमय जमा कराना
14-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा सौपें गये अन्य कार्य
15-    विक्रीकर आयकर का नियमानुसार भुगतान करना तथा रिर्टन सही ढंग से सही समय पर दाखिल करना।
3-     वास्तुविद नियोजक
1-    आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक भवनों के निर्माण की डिजाइन तैयार करना।
2-    नगर नियोजक हेतु सेक्टरल एवं जोनल प्लान तैयार करना।
3-    कैपिटल इम्प्रूमेन्ट तथा साट एवं प्रोजेक्ट से सम्बन्धित ड्राइंग तैयार करना।
4-    ग्रामीण क्षेत्र के अन्तर्गत शहरी सीमा का मास्टर प्लान तैयार कराना।
5-    नियोजन विभाग पर प्रभावी नियंत्रण रखना।
6-    योजनाओं की फिजीविल्टी रिपोर्ट, स्वीकृत योजनाओं का ले-आउट तैयार करना।
7-    प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अनधिकृत निर्माण को प्रभावी ढंग से रोकना एवं सभी प्रकार के भवन मानचित्र वाणिज्यिक, आवासीय आदि की स्वीकृति के पूर्व शासन द्वारा जारी किए गये निर्देशों, ं भवन निर्माण एवं विकास विनियम, ं शमन विनियम एवं मास्टर प्लान के परिपे्रक्ष्य में पत्रावलियों का पूर्णतया अध्ययन कर मानचित्रों को समयबद्ध तरीके से निर्धारित सीमा के भीतर सक्षम स्तर से स्वीकृत कराना एवं भवन मानचित्र मे शुल्क का पूर्णरूप से परीक्षण करने का कार्य ।
8-    टाउन प्लानिंग से सम्बन्धित सभी कर्मचारियों/ अधिकारियों पर पूर्णतया नियंत्रण का कार्य उन्हें अपेक्षित मार्ग दर्शन देना।
    
4-  प्रभारी अधिकारी भूमि अध्याप्ति
1-    भूमि अध्याप्ति के प्रत्येक प्रकरणों का अपने स्तर पर गहन समीक्षा करना।
2-    भूमि अध्याप्ति के सभी कम्पनशेसन के मामलों में वित्त नियंत्रण/ वित्त लेखाधिकारी के साथ विचार-विमर्श कर नियमों के परिपे्रक्ष्य में धनराशि को सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत कराना।
3-    भूमि अध्याप्ति के सभी वादों का प्रभावी ढंग से पैरवी कराया जाना एवं प्रभारी अधिकारी भूमि अध्याप्ति के हैसियत से प्रति शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करना।
4-    बीडा द्वारा भूमि अधिग्रहण में किए जाने वाली कार्यवाहियों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से कराया जाना।
5-    प्रत्येक 15 दिनों पर भूमि अध्याप्ति के मामलों पर अपने स्तर पर समीक्षा करते हुए मुख्य

कार्यपालक अधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराना।
6-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा सौपें गये अन्य कार्य।
5-     विधि सहायक
1-    बीडा से सम्बन्धित वादों का प्रभावी ढंग से पैरवी करना।
2-    प्रत्येक माह अवर न्यायालय, मा0 उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में लम्बित वादों की समीक्षा कर वस्तुस्थिति से मुख्य कार्यपालक अधिकारी को अवगत कराना।
3-    बीडा के पैनल के अधिवक्ताओं की क्षमता एवं उनके कार्य को देखते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की सहमति के पश्चात उनके वकालतनामा पर हस्ताक्षर करना।
4-    अधिवक्ता की शुल्क का भुगतान नियमानुसार किया जाना तथा अधिवक्ताओं की परफारमेन्स को प्राधिकारी की बैठक में रखना।
5-    बीडा के विरूद्ध चल रहे सभी मुकदमों का अध्ययन करना, न्यायालय द्वारा दिये गये समय के अन्तर्गत पत्रावली का अध्ययन कर प्रतिशपथ पत्र, रिज्वाइन्डर इत्यादि  े लगवाये जाने का कार्य ।
6-    इसके अतिरिक्त पैनल से सम्बन्धित अधिवक्ताओं से बराबर सम्पर्क स्थापित कर उनके मुकदमों की अद्यतन स्थिति एवं पैरवी की जानकारी करना।
7-    सहायक जन सूचना अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन करना।
8-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा सौपें गये अन्य कार्य।

6-    अधिशासी अभियन्ताः-    अनुभागाध्यक्ष निर्माण विभाग
1-    विभिन्न प्रकार के निर्माण  कार्यो पर पूर्ण रूप से तकनीकी नियंत्रण ।
2-    बहुउद्देशीय परियोजना प्रावधिक नियमों के अनुसार वास्तुविद नियोजक की मदद से तैयार करना ।
3-    सिविल निर्माण विभाग में कार्यरत अधिकारियों/ कर्मचारियों पर पूर्णतया पूर्ण नियंत्रण।
4-    भौतिक सर्वेक्षण, योजना हेतु भूमि का चयन वास्तुविद नियोजक की सहायता से करना।
5-    तकनीकी अनुभाग के कार्यो का मौके पर शत-प्रतिशत निरीक्षण करके अपने अधीनस्थ सहायक अभियन्ता/ अवर अभियन्ता को गुणवत्ता के सम्बन्ध में मार्ग दर्शन देना एवं गुणवत्ता के अनुरूप  कार्य कराना।
6-    प्रस्तावित योजना की जस्टीफिकेशन एवं टेण्डर की कार्यवाही में यह प्रावधानित करना कि सभी कार्य वित्तीय हस्त पुस्तिका एवं शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार हो रहे हैं।
7-    वास्तुविद नियोजक द्वारा मानचित्रों के सम्बन्ध में साइट इन्पेक्शन किए जाने एवं पत्रावली को ससमय वास्तुविद नियोजक के कार्यालय कों भेजने के सम्बन्ध में अपने अधीनस्थ तकनीकी स्टाफ पर पर्यवेक्षण का कार्य करना।
8-    विभिन्न योजनाओं में तैनात किए गये केयर टेकरों पर पूर्ण नियंत्रण करना एवं सफाई, विजली एवं पानी की समुचित व्यवस्था हेतु अपने अधीनस्थ केयर टेकरों पर प्रभावी नियंत्रण रखना।
9-    मार्केटिंग मैनेजर द्वारा सम्पत्तियों के निस्तारण किये जाने में उनकी योजनावार मदद करना।
10-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा दिये गये अन्य दायित्व ।
11-    निर्माण से सम्बन्धित सभी कार्यो का मौके पर शत प्रतिशत चेकिंग करके एम.बी. की पुष्टि करना।
12-     जन सूचना अधिकारी के कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करना
7-    सहायक अभियन्ता के कार्य एवं दायित्व

1-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा निर्धारित क्षेत्र में अधिशासी अभियन्ता के निर्देशन में आवंटित, प्रस्तावित योजनाओं के कार्यो का आगणन एवं जस्टीफिकेशन तैयार कराना एवं यह सुनिश्चित करना कि टेण्डर इत्यादि में सभी नियमों का पालन किया गया है।
2-    निर्माण के समय मौके पर उपस्थित होकर अपनी देख-रेख में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराना एवं मानक के अनुसार निर्माण कार्यो का समय-समय पर प्रयोगशालाओं से गुणवत्ता की जाॅंच कराना।
3-    अपने से सम्बन्धित स्कीमों में अतिक्रमण की रोकथाम करना तथा यह सुनिश्चित करना कि आवंटित स्कीम के किसी अनावंटित भवन में कोई अवैधानिक अध्यासी न हो।
4-    अपने से सम्बन्धित स्कीमों की पूर्ण सुरक्षा की व्यवस्था करना।
5-    अपने से सम्बन्धित स्कीमों की सफाई, रोशनी इत्यादि की व्यवस्था करते हुए यह सुनिश्चित करना कि पानी की आपूर्ति  कालोनी में बनी रहे।
6-    अपने से सम्बन्धित स्कीम में अनावंटित सम्पत्तियों के निस्तारण कराना, सर्विस चार्ज की प्रभावी ढंग से वसूली करना।
7-    अपने आवंटित क्षेत्र में मानचित्रों का समयबद्ध तरीक से निस्तारण कराना।
8-    राज्य सरकार एवं भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं भूमि अधिग्रहण के सम्बन्ध में सर्वेक्षण, प्रोजेक्ट इत्यादि तैयार कराने में वास्तुविद नियोजक एवं अधिशासी अभियन्ता के साथ सहयोग कराना।
9-    निर्माण कार्यो का पर्यवेक्षण  एवं सत्यापन पर करके एम0बी0 की पुष्टिकरण इत्यादि कार्य ।
10-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी/ अधिशासी अभियन्ता द्वारा सौपें गये अन्य कार्य।
8-    मार्केटिंग मैनेजर
1-    बीडा में चल रही योजनााओं के अनिस्तारित सम्पत्तियों के विपणन का कार्य।
2-    आवंटित सम्पत्तियों के किस्तों का समय से जमा करने, विभिन्न शुल्कों के निर्धारण किए जाने एवं बीडा की सम्पत्तियों का कम्प्यूटराइजेशन किए जाने का सम्पूर्ण कार्य।
3-    बीडा की सम्पत्तियों को वैज्ञानिक तरीके से रखने हेतु कम्प्यूटर को इन्टरनेट से जोड़ने एवं बीडा के कार्यक्रमों एवं सम्बन्धित सूचनाओं के संकलन करने का कार्य।
4-    बीडा के द्वारा निर्धारित नियमों एवं शासन द्वारा समय-समय पर प्राप्त नियमों अधिनियमों के अन्तर्गत सम्पत्तियों का पंजीकरण एंव कमेटी द्वारा आवंटन कराया जाना तथा यह सुनिश्चित करना कि आवंटन सम्बन्धी नियमों का पालन किया जा रहा है।
5-    नियमानुसार नामान्तरण/ रजिस्ट्रीकरण का कार्य करने एवं रजिस्ट्रीकरण में उपभोक्ता द्वारा दिये गये स्टैम्प का भलीभाॅंति परीक्षण करना तथा रजिस्ट्री के पूर्व यह सुनिश्चित करना कि निर्धारित सभी देयों का भुगतान हो गया है।
6-    सम्पत्ति से सम्बन्धित सभी मुकदमों का प्रभारी विधि के साथ बैठक कर समीक्षा करना एवं प्रत्येक माह में इसकी आख्या मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रस्तुत करना।
7-    सर्विस चार्ज  एवं बकाये की वसूली में सम्बन्धित सहायक अभियन्ता की मदद करना एवं यह सुनिश्चित करना कि समबद्ध तरीके से सूचना आवंटी तक पहॅंुच रही है। तथा उनसे समयबद्ध तरीके से सर्विस चार्ज की मांग की जा रही है।
8-    आवंटित सम्पत्तियों के विपणन हेतु विज्ञापन, पम्पलेट के माध्यम से जन साधारण को जानकारी सुलभ कराना तथा सम्पत्तियों के आवंटन हेतु विशेष प्रयास करना।
9-    मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा सौपे गये अन्य कार्य।

3-    निर्णय लेने की प्रक्रियाः- पर्यवेक्षण एवं उत्तर दायित्व का निर्धारण

1-    अनुभागाध्यक्षों की संस्तुति पर एवं उनके विचार-विमर्श के उपरान्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा बीडा के दैनिक कार्यो का निस्तारण किया जाता है।
2-    नीतिगत विषय या ऐसे विषय जिनके सम्बन्ध में स्पष्ट नियम नहीं उपलब्ध होते हैं उन्हें प्राधिकारी की बैठक में रखा जाता है तथा प्राधिकारी के आदेशों/ निर्देशों का अनुपालन मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा अनुभागध्यक्षों के माध्यम से कराया जाता है।

(ख)    पर्यवेक्षण
कार्य वितरण के अनुसार विभिन्न अनुभाग के कार्यो को सुचारू रूप से चलाये जाने के लिए प्रभारी अधिकारी/ अनुभागाध्यक्षों द्वारा अपने अनुभागों के कार्यो का पर्यवेक्षण किया जाता है तथा यदि उन्हें कोई समस्या आती है तो उनके द्वारा मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा मार्ग दर्शन प्राप्त किया जाता है।
(ग)    उत्तरदायित्व
अनुभागों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/ कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने का दायित्व अनुभागाध्यक्ष/ प्रभारी अधिकारी का होता है एवं उनकी संस्तुति पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
4.    प्राधिकरण के दायित्वों के निर्वहन के लिए मानक का निर्धारणः

भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण का गठन यू.पी.इण्डस्ट्रीयल ऐक्ट-6, 1976 के तहत किया गया है। इस ऐक्ट में प्राधिकरण के दायत्विों का निर्वहन के लिए मानक निर्धारित किये गये हैं। उक्त के अतिरिक्त शासन स्तर पर आहूत उच्च स्तरीय बैठकों एवं प्राधिकारी के बैठकों में प्राधिकरण के दायित्वों के निर्वहन के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन/मानक निर्धारित किये गये हैं। यही नहीं प्राधिकरण अपने कार्यो के सम्पादन में
पी.डब्लू.डी. के शेड्यूल, नोएडा, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण आदि में सम्पादित कार्यो के सम्बन्ध में आवश्यक नियमावली/निर्णय/शासनादेश प्राप्त करता रहता है। जिनको प्राधिकारी से अनुमोदित कराकर प्राधिकरण में लागू किया जाता है।


5.    नियम,विनियम आदि का संकलन

प्राधिकारी के निर्णय, शासन स्तर पर आहूत उच्च स्तरीय बैठकों का निर्णय, उ.प्र. शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों तथा राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित प्राधिकरण पर प्रभावी नियमों, विनियमों, निर्देशों आदि का संकलन अनुभागवार तैयार कर लिया गया है।
6.    अभिलेखों की श्रेणी, उनका रख-रखाव तथा नियन्त्रणः

प्राधिकरण में अधिष्ठान, वित्त, नियोजन, तकनीकी, सम्पत्ति, विधि एवं स्टोर के कार्यो के संचालन हेतु 07 अनुभाग कार्यरत हैं। अभिलेख जिस अनुभाग से सम्बन्धित होगें, उसी श्रेणी में रखे जाने की व्यवस्था प्राधिकरण में की गयी है। सम्बन्धित अनुभाग के अनुभागाधिकारी/ प्रभारी अधिकारी उपरोक्त अभिलेखों को समुचित ढंग से रखने हेतु उत्तदायी होंगे। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अन्तर्गत मांगी जाने वाली सूचनाओं एवं अभिलेखों को रख रखाव श्री के0पी0 सिंह, वरिष्ठ लिपिक तथा  श्री महेन्द्र कुमार उपाध्याय, विधि सहायक/ सहायक जन सूचना अधिकारी द्वारा किया जायेगा तथा इन सब पर नियंत्रण श्री आर0ए0 यादव जन सूचना अधिकारी का होगा जिसकी सहायता विधि सहायक/ सहायक जन सूचना अधिकारी करेंगे तथा वे समयबद्ध तरीके से सूचना प्राप्ति का निस्तारण करायेंगे।
7.    प्राधिकरण की नीतियों के निर्धारण, उनके कार्यान्वयन तथा प्रशासनिक व्यवस्था हेतु जन - सहभागिता एवं प्रतिनिधित्व का विवरणः

प्राधिकरण का गठन कालीन निर्यातकों एवं बुनकरों की अवस्थापनागत सुविधाओं के सृदृढीकरण एवं उसके निराकरण हेतु किया गया है। प्राधिकरण की नीतियों एवं प्रशासनिक व्यवस्था का निर्धारण ‘प्राधिकरी’ द्वारा किया जाता है। प्राधिकारी के अध्यक्ष सचिव, लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उ.प्र. शासन है। प्राधिकारी के सदस्यों में राज्य सरकार के बड़े प्रशासनिक अधिकारी यथा सचिव वित्त, सचिव लोक निर्माण विभाग, सचिव नगर विकास, निदेशक उद्योग, प्रबन्ध निदेशक यू.पी.एस.आई.डी.सी., प्रबन्ध निदेशक यू.पी.ई.सी. ,
जिलाधिकारी सदस्य हैं। कालीन निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिये अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) एक पंजीकृत एवं प्रतिष्ठित संस्था के अध्यक्ष भी बीडा प्राधिकारी के सम्मानित सदस्य हैं। जिनके द्वारा समय-समय पर प्राधिकारी की बैठकों में कालीन निर्माता/ बुनकरों की समस्यायें रखी जाती हैं एवं उनका निराकरण/ निस्तारण प्राधिकारी के निर्णय के क्रम में कार्यालय स्तर से सुनिश्चित किया जाता है।

8.    प्राधिकारी, कमेटी,कौन्सिल या अन्य बाडी तथा उच्च स्तरीय बैठक में लिये गये कार्यवृत्त का संकलन तथा जनसाधारण को दी जाने वाले जानकारीः

कार्यालय स्तर पर प्राधिकारी, कमेटी, कौन्सिल या अन्य बाडी तथा शासन/प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठकों में लिये गये निर्णयों के कार्यवृत्त का संकलन समुचित ढं़ग से किया जाता है। एकमा जैसी संस्था के अध्यक्ष प्राधिकारी सम्मानित सदस्य
हैं तथा प्राधिकारी के प्रत्येक निर्णय की कार्यवृत्त की प्रति उन्हे उपलब्ध करा दी जाती है। जिसे उनके द्वारा सभी निर्यातकों को अवगत करा दिया जाता  है।
9. अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डायरेक्ट्री

क्र.    अधिकारी/ कर्मचारी     पद नाम    आवासीय पता    दूरभाष नं.
सं.    का नाम            
                
1    श्री इन्द्रमोहन दूबे    मुख्य कार्यपालक अधिकारी    रजपुरा प्रवासी आवास भदोही    226610 9450255558
    समूह ‘क’            
2    श्री आर0ए0 यादव    अधिशासी अभियन्ता    जमुनीपुर बृह0आ0योजना    9935710070
                
    समूह ‘ख’            
4    श्री अमिताभ रंजन     मार्केटिंग मैनेजर    रजपुरा प्रवासी आवास भदोही    9450236763


15- सूचना प्राप्त करने वाले नागरिकों को दी जाने वाली सुविधायें, लाइब्रेरी, रीडिंग    रूम आदि
 सूचना प्राप्त करने वाले नागरिक को समुचित ढंग से बैठाये जाने हेतु अलग कक्ष की व्यवस्था कर ली गयी है। लाइबे्ररी अथवा रीडिंग रूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
16- जनसामान्य को न दी जाने वाली सूचनाओं का विवरण

1.    प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की कास्टिंग से सम्बन्धित विवरण
2.    किसी भी निर्माण कार्य / प्रोजेक्ट के भौतिक आकडे यथा- कार्य विवरण, आंकलित धनराशि, कराये गये कार्य, भुगतान की गयी धनराशि आदि के विवरण दिये जा सकते हैं परन्तु उसके अभिलेख, टेण्डर, मापन पुस्तिका, बिल के विवरण आदि की सूचना नहीं दी जा सकती है।
3.    निर्माण कार्यो से सम्बन्धित मापन पुस्तिकाएं एवं बिल
4.    किसी आवंटी के पक्ष में आबंटित सम्पत्ति के विरूद्ध जमा धनराशि का विवरण आवंटी को छोडकर अन्य को नहीं दिये जायेगें
5.    कर्मचारियों/अधिकारियों की नियुक्ति / प्रोन्नति, अनुशासनात्मक तथा जांच आख्या
6.    योजना एवं जोनल डेवलपमेन्ट प्लान तैयार किये जाने की प्रक्रिया के दौरान भू उपयोग की जानकारी
7.    भवन मानचित्र पत्रावली में संलग्न अभिलेख व पत्रावली के विवरण आवेदनकर्ता के अतिरिक्त अन्य को नहीं दी जायेगी
8.    प्राधिकरण की प्रस्तावित येाजनाओं के लिए भूमि के अधिग्रहण हेतु धारा-4 की अधिसूचना के पूर्व भूमि का गाटा संख्या, रकबा एवं काश्तकार का नाम आदि से सम्बन्धित विवरण
9.    प्राधिकरण के विरूद्ध विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन वादों जिनमें प्राधिकरण हित निहित है, से सम्बन्धित अभिलेख
10.    प्राधिकरण की वार्षिक आडिट रिपोर्ट
11.    ऐसे अभिलेख जो जनहित अथवा बीडा के हित के प्रतिकूल है
    

17-    जन सूचना अधिकारियों के पदनाम पता आदिः-

        1.    मुख्य कार्यपालक अधिकारी    अपीलीय अधिकारी    प्रवासी आवास    226610  PHone: 9450255558


        2.    अधिशासी अभियन्ता बीडा-भदोही    जन सूचना अधिकारी    जमुनीपुर बृह0आ0योजना भदोही  Phone: 9935710070

        3.    विधि सहायक बीडा-भदोही    अपर जन सूचना अधिकारी    प्रवासी आवास, रजपुरा भदोही   Phone:  9415443599


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